Kavita-Kosh
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स्वयं सेवक
खाना खाकर खुद ही चम्मच, धो रहा था ग्राहक।
आप कष्ट क्यूँ करते इतना, बोल उठा एक सेवक।
ग्राहक बोला लगते हो तुम, मुझको पूरे अहमक।
धोये बिना तो गन्दा होगा, जेब हमारा नाहक.
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