ब्रम्हा जी से विश्वकर्मा ने ।
कहा बतावें तात॥
दो आँखों के बीच में।
क्यों पहाड़ सी नाक ॥
क्यों पहाड़ सी नाक़।
और किस कारण हे भगवान् ॥
आँखों के अगल बगल आपने ।
चिपका दिए हैं कान ॥
ब्रम्हा बोले अभी नहीं ।
होगा कलियुग में करिश्मा ॥
नाक़ कान पर टिका के ही ।
इंसान लगाएगा चश्मा ॥